सतनाम आरती

सतनाम आरती
(सतनाम धर्म के अनुयायियों द्वारा गाये जाने वाले)




ऐसे आरती देहव हो लखाई
निरखत जोत अधर फहराई

पहले आरती जगमग जोति,
हीरा पदारथ बारे मोती हो l       आरती……..

सोन कर थारी, कपूर लागे बाती,
भंव-भंव आरती उतारे बहूं भाती हो l   आरती……..

तीजे आरती त्रिभूवन मोहे,   
रतन सिहांसन गुरूजी सोहे हो l     आरती……..

चौथे आरती चारो जग पूजा,
आप सही देव और नही दूजा हो l      आरती……..

पांचे आरती जो नर गावे,
चढ के विमान अमरलोक सिधावे हो l   आरती……..

: आरती : दर्शन के गावे,
लख चौरासी के बंधना छूडावे हो l      आरती……..

साते आरती सतनामी घर आये,
हंसा उबार अमरलोक पहुंचावे हो l   आरती……..x