मंगलवार, 11 नवंबर 2014

पंथी गीत


पंथी गीत 


दुनिया होगे अंधरा ग ,दुनिया होगे आंध्ररा ग ,
कैसे समझावव पूजत हे पथरा पथरा ग !२!
ए कैसे समझावव पूजत हे पथरा ग ,
संगी कैसे समझावव पूजत हे पथरा ग !२!
दुनिया होगे अंधरा ग ,दुनिया होगे आंध्र ग ,
कैसे समझावव पूजत हे पथरा ग !२!
(१)-ए पथरा के देंवता संगी हालत ते न डोलत ते ,
हालत ते न डोलत ते ,
कतको पूजा करबे तब ले ,कछु तो नई बोलत ते,
कछु तो नई बोलत ते
कछु तो नई बोलत ते जी ,कछु तो नई बोलत ते !२!
दुनिया होगे आंध्ररा ग ----------------------------------
(२)-लाली -लाली बंदन पोते ,कुकरी बोकरा काटत थे ,
कुकरी बोकरा काटत थे
फूल-माला चढ़ा चढ़ा के ,नारियल घलो फोरत थे .
नारियल घलो फोरत थे ,
नारियल घलो फोरत थे जी नारियल घलो फोरत थे !२!
दुनिया होगे अंधरा ग --------------------------------------
(३)-खरी कमाई पसीना बोहाके ,पथरा म चढ़ावत थे ,
पथरा म चढ़ावत थे ,
पथरा म चढ़ावत हे ग ,पथरा म चाशावत थे !२!
दुनिया होगे अंधरा ग ,दुनिया होगे आंध्ररा जी ,
कैसे समझावव पूजत हे पथरा ग !२!

संकलन श्री मंगल चातुरे

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