शुक्रवार, 24 जून 2016

उपेक्षा का शिकार मै बैल हूं कोई मेरा उद्धार कर दो

उपेक्षा का शिकार मै बैल हूं कोई मेरा उद्धार कर दो


मैं इस पोस्ट के माध्यम से किसान बंधुओ को जो हमारे अन्नदाता हैं अर्थात हमारे पालनकर्ता या स्पस्ट कहूँ तो ईश्वर कहे जाने वाले हलधर को प्रणाम करता हूँ ।


आप इस पोस्ट में संलग्न अत्यंत मोहक चित्र देख रहें है एक किसान हल जोतकर हमारे लिए हमारे जीवन को पोषित करने के उदेश्य से तपती धुप में दतरी चला रहा है । मगर हम भूल जाते हैं किसान को पूजते हुए हम भूल जाते हैं गऊ माता को पूजते हुए कि बैल भी हमारे लिए बाप से कोई कम नहीं है इसलिये मैं आपसे अनुरोध करता हूँ कि आप बैल को बाप के समान या ईश्वर के समतुल्य ही मानते हुए उनका पूजन करें । इसके साथ ही मुझे इस मोहक चित्र में मुझे वो हिंसा दिखाई दे रहा है, वह प्रताड़ना दिख रहा है या यह कहूँ कि मुझे वह अत्याचार दिखाई दे रहा है जो आपको विष्मरण हो गया है तो न कोई अतिसंयुक्ति होगी न आपके प्रभुत्व की अपमान। इतने कठोर वचनों के बाद यदि आपको इस मनमोहक चित्र में आप कुछ प्रताड़ना, हिंसा या अत्याचार दिखाई देने लगा हो तो आपसे निवेदन है मेरे सभी किसान बंधुओ से निवेदन है कि आप जागो बैल को उनके हिस्से का सम्मान दें साथ ही कृषि कार्य के दौरान उनका मुख न बांधें ।


इस पोस्ट में किये अनुरोध को दृष्टिगत रखते हुए कृपया इसे अधिक से अधिक शेयर कर किसान बंधुओ में जागरूकता लाने का पुनीत कार्य करें ।
Please share it .........

मानव जीवन का वास्तविक सिद्धांत क्या है ?

मानव जीवन का वास्तविक सिद्धांत क्या है ? "मनखे-मनखे एक समान" से परिचित हुए बिना कोई भी मानव पूर्णतः मानव नही हो सकता।...