निर्जला व्रत - सतनाम धर्म

रविवार, 15 अक्तूबर 2017

निर्जला व्रत

निर्जला व्रत 


निर्जलाव्रत - रखने से आकर्षण का सिद्धांत कार्य करता है। चूंकि व्रत करने वाला व्यक्ति दृढ़ संकल्प और पूर्ण विश्वास से सबकुछ त्यागकर अपने मनोकामना में स्वयम को केंद्रित कर लेता है। इसलिए प्रकृति उनके इच्छाके सम्मान में व्रत करने वाले व्यक्ति के आदेशों का पालन करता है।


जानने वाली बात यह है कि किसी भी देवी देवता के उपवास में जो फल मिलता है वह केवल हमारा भ्रम है, इतना फल आप अपने आसपास के किसी भी जीवित वृक्षों, जीवित प्राणियों, अथवा प्रकृति से उसके किसी भी रूप में विश्वास करके अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति हेतु आप उन्हें आदेशित कर सकते हैं, आपके आदेशों का पूर्णतया पालन होगा।

जय हिंद, जय छत्तीसगढ़ ......



HP Joshi Satnami
Naya Raipur Chhattisgarh

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हम भारत के नागरिकों के लिए भारत का संविधान समस्त विश्व के सारे धार्मिक पुस्तकों से अधिक पूज्यनीय और नित्य पठनीय है। यह हमारे लिए किसी भी ईश्वर से अधिक शक्ति देने वाला धर्मग्रंथ है - हुलेश्वर जोशी

निःशूल्क वेबसाईड - सतनामी एवं सतनाम धर्म का कोई भी व्यक्ति अपने स्वयं का वेबसाईड तैयार करवाना चाहता हो तो उसका वेबसाईड निःशूल्क तैयार किया जाएगा।

एतद्द्वारा सतनामी समाज के लोगों से अनुरोध है कि किसी भी व्यक्ति अथवा संगठन के झांसे में आकर धर्म परिवर्तन न करें, समनामी एवं सतनाम धर्म के लोगों के सर्वांगीण विकास के लिए सतनामी समाज का प्रत्येक सदस्य हमारे लिए अमूल्य हैं।

एतद्द्वारा सतनामी समाज से अपील है कि वे सतनाम धर्म की संवैधानिक मान्यता एवं अनुसूचित जाति के पैरा-14 से अलग कर सतनामी, सूर्यवंशी एवं रामनामी को अलग सिरियल नंबर में रखने हेतु शासन स्तर पर पत्राचार करें।