निर्जला व्रत

निर्जला व्रत 


निर्जलाव्रत - रखने से आकर्षण का सिद्धांत कार्य करता है। चूंकि व्रत करने वाला व्यक्ति दृढ़ संकल्प और पूर्ण विश्वास से सबकुछ त्यागकर अपने मनोकामना में स्वयम को केंद्रित कर लेता है। इसलिए प्रकृति उनके इच्छाके सम्मान में व्रत करने वाले व्यक्ति के आदेशों का पालन करता है।


जानने वाली बात यह है कि किसी भी देवी देवता के उपवास में जो फल मिलता है वह केवल हमारा भ्रम है, इतना फल आप अपने आसपास के किसी भी जीवित वृक्षों, जीवित प्राणियों, अथवा प्रकृति से उसके किसी भी रूप में विश्वास करके अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति हेतु आप उन्हें आदेशित कर सकते हैं, आपके आदेशों का पूर्णतया पालन होगा।

जय हिंद, जय छत्तीसगढ़ ......



HP Joshi Satnami
Naya Raipur Chhattisgarh