गौ माता को सतनामी समाज द्वारा राजमाता घोषित कर, संकल्प करने बाबत - सतनाम धर्म

बुधवार, 11 अक्तूबर 2017

गौ माता को सतनामी समाज द्वारा राजमाता घोषित कर, संकल्प करने बाबत

गौ माता को सतनामी समाज द्वारा राजमाता घोषित करसंकल्प करने बाबत

प्रिय संतों, माताओं और बहनों

आपको विदित हो कि लगभग 1937 में सर्वप्रथम सतनामी समाज के धर्मगुरू आगमदास गोसाई के अगुआई में सतनामी समाज के महान सपूतो जिनमें प्रमुख रूप से राजमहंत नैनदास मंत्रीराजमहंत अंजोरदास व्हाइस प्रेसीडेंटराजमहंत विशालदास एवं अन्य 27 सतनामी सपुतों द्वारा गौ हत्या विरोधी अभियान चलाया गया फलतअंग्रजों द्वारा "श्री गौ माता की जै" शीर्षक से एक परिपत्र जारी कर करमनडीहढ़ाबाड़ीह में बने विशाल बुचड़ खाना जिसमे प्रतिदिन हजारो बेजुबान जानवरो की निरमम हत्या की जाती थी अंग्रेजो द्वारा बंद करवाया गया l

हमें गर्व है अपने उन महापुरूषो पर जिन्होने अपने दम पर इतना बड़ा मुहिम चलाकर सफलता प्राप्त की और इस कार्य के लिये सतनाम धर्म द्वारा नैनदास और अंजोर दास को गौ-भक्त की उपाधी से सम्मानित किया गया 
अगर हमारे इन सतनामी सपूतो का साथ देशवासी भाईयों द्वारा दिया गया होता तो सिर्फ करमडीहढ़ाबाड़ीह मे ही नही बल्कि पुरे भारत देश में गौ-हत्या पुरी तरह बंद हो गया होता इस संबंध में ज्ञातव्य हो कि सतनाम धर्म में उस समय भी इतने शक्तिशाली/प्रभावशाली लोग थे कि क्रुर अंग्रेजों को भी झूकने पर मजबुर कर दिये l तो हम आज कैसे शक्तिहीन हो सकते हैं ?

सतनाम धर्म के इस कामयाबी के बाद चूंकि छत्तीसगढ राज्य में गौ हत्या पर पूर्णत: प्रतिबंध लग गया था, हम चुप हो गये परन्तु आज हम देख रहे है कि समूचे देश भर में आज भी हमारी माता गौ माता के साथ हो रही अत्याचार को हम बर्दास्त नही करेंगे और इसीलिए मै सम्पूर्ण देशवासियों से आग्रह करती हूं कि हमारे देश में गाय को राष्ट्रमाता घोषित किया जावे l

इसके पहले मै पुन: सतनामी सपूतों से ही निवेदन और आहवान करती हूं कि आप सभी आगामी 18 दिसंबर 2014 गुरूघासीदास जयंति को ही हमारी माता गौ माता को राजमाता के रूप में घोषित करते हुए इनके रक्षा के लिए आप सभी संकल्पित हो जायें ताकि हमारा यह घोषणा सम्पूर्ण ब्रम्हाण्ड में हमारे गौ माता को संरक्षण प्राप्त हो सके l

श्रीमती विधि हुलेश्वर जोशी

Kindly Share on Social Media - Satnam Dharm

EMozii-for Comments on SATNAM DHARM

हम भारत के नागरिकों के लिए भारत का संविधान समस्त विश्व के सारे धार्मिक पुस्तकों से अधिक पूज्यनीय और नित्य पठनीय है। यह हमारे लिए किसी भी ईश्वर से अधिक शक्ति देने वाला धर्मग्रंथ है - हुलेश्वर जोशी

निःशूल्क वेबसाईड - सतनामी एवं सतनाम धर्म का कोई भी व्यक्ति अपने स्वयं का वेबसाईड तैयार करवाना चाहता हो तो उसका वेबसाईड निःशूल्क तैयार किया जाएगा।

एतद्द्वारा सतनामी समाज के लोगों से अनुरोध है कि किसी भी व्यक्ति अथवा संगठन के झांसे में आकर धर्म परिवर्तन न करें, समनामी एवं सतनाम धर्म के लोगों के सर्वांगीण विकास के लिए सतनामी समाज का प्रत्येक सदस्य हमारे लिए अमूल्य हैं।

एतद्द्वारा सतनामी समाज से अपील है कि वे सतनाम धर्म की संवैधानिक मान्यता एवं अनुसूचित जाति के पैरा-14 से अलग कर सतनामी, सूर्यवंशी एवं रामनामी को अलग सिरियल नंबर में रखने हेतु शासन स्तर पर पत्राचार करें।