"मैं सतनामी अलबेला हूँ "

"मैं सतनामी अलबेला हूँ "


मै सतनामी अलबेला हूँ ,
राजा गुरु जी का चेला हूँ !२!
हमें खूब दबाया उसने ,
अब चलती तलवार का रेला हूँ !
मै सतनामी अलबेला हूँ ,
राजा गुरु जी का चेला हूँ !२!

सही खूब त्रासदी उसने ,
जिसने ही हमको जन्म दिया !
दुश्मनों ने हमारे पूर्वजों के ,
जाने सर कितने कलम किया !२!
वही याद दिलाता हमको,
उन दुष्टों के लिये झमेला हूँ !
मै सतनामी अलबेला हूँ ,
राजा गुरु जी का चेला हूँ !२!
जिस राह में पड़े हो कांटे ,
उस राह से उसे हटाना है !
गुरु राजा के राह पे चलके ,
सतनामी के सर को उठाना है !२!
इस बात को ठान लिया हूँ ,
अब मै भी नही अकेला हूँ !
मै सतनामी अलबेला हूँ ,
राजा गुरु जी का चेला हूँ !२!
जो हमसे टकरायेगा ,
वो चूर चूर हो जाएगा !
जो साथ हमारे आएगा ,
वो सतनामी कहलायेगा !२!
आंधी तूफ़ान के पानी में ,
घुलने वाला नही ढेला हूँ !
मै सतनामी अलबेला हूँ ,
राजा गुरु जी का चेला हूँ !२!
कवि श्री मंगल चातुरे

सतनाम धर्मशाला गिरौदपुरी

सतनाम धर्मशाला गिरौदपुरी
सतनाम धर्मशाला गिरौदपुरी, यह धर्मशाला छत्तीसगढ़ प्रगतिशील सतनामी समाज द्वारा केवल समाजिक सहयोग से करीब 2.5 करोड़ की लागत से निर्मित है, जिसका उद्घाटन श्री भूपेश बघेल जी, माननीय मुख्यमंत्री द्वारा दिनांक 11.12.2019 को उद्घाटन किया गया है।