हुलेश्वर जोशी सतनामी - सतनाम धर्म

बुधवार, 11 अक्तूबर 2017

हुलेश्वर जोशी सतनामी

हुलेश्वर जोशी सतनामी 

आपका जन्म 22 फरवरी 1986 को छत्तीसगढ राज्य के मध्यमवर्गीय समाज सेवी परिवार में श्री शैलकुमार जोशी व माता श्रीमती मोतिम बाई के सुपूत्र के रूप में हुआ l आपके पूर्वज पं लाला राम जोशी, परम ज्ञानी व विद्वान रहे जिन्होने मुगेली जिला के उत्थान व विकास के लिए तथा जातिवाद के खिलाफ लगातार संघर्ष किया l आचार्य त्रिभूवन जोशी, छत्तीसगढ में अपने जीवन पर्यन्त लोककल्याण व समाज सेवा के लिए कार्य किये वहीं माता श्यामा देवी नारियों को गृह कार्यो व धार्मिक शिक्षा देती रहीं l माता श्यामा देवी का कथन जो सदा के लिए उनके महानता व ज्ञानता को अमर रखेगा उन्होने कहा है '''शिक्षा ग्रहण पहले, भोजन ग्रहण नहले''' l आपका विवाह 24 मई 2013 को श्रीमती विधि हुलेश्वर जोशी (सम्पत्ति कुर्रे/सुपूत्री श्री राजेन्द्र कुर्रे) के साथ सम्पन्न हुआ जो आचार्य समाज के सहसंस्थापिका हैं तथा आपके गुरू व मार्गदर्शक पं देवप्रसाद जोशी हैं जोकि वर्तमान में छत्तीसगढ प्रोफेशनल एजूकेशन एण्ड नेटवर्क प्राईवेट लिमिटेड, स्वास्थ्य मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम व निम्स अल्टरनेटिव मेडिकल कालेज लोरमी के निदेशक है l

आपके ज्ञान व सेमाजसेवा के कार्यो के सराहना के लिए आपको लाईफ केयर वैकल्पिक चिकित्सा सेवा संस्थान लोरमी द्वारा '''विशिष्ट समाजसेवी सम्मान''' प्रदान किया गया इसके अतिरिक्त आपको '''प्रोजेक्ट डेवलोपर अवार्ड''' व '''एजुकेशन स्पेस्लिस्ट अवार्ड''' से सम्मानित किया गया है l लाईफ केयर वैकल्पिक चिकित्सा सेवा संस्थान लोरमी द्वारा आपके आपके शासकीय अभिलेखों में मान्य जन्म दिवस के अवसर को संरक्षित करने के लिए सम्पूर्ण छत्तीसगढ राज्य में स्वास्थ्य मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन किया गया l

माता श्यामा देवी व आचार्य त्रिभूवन जोशी के निर्देशानुसार आपने नौ सिंतंबर सन दो हजार सात को आचार्य समाज का स्थापना किया गया l आचार्य समाज के ग्यारह सिद्धान्त हैं जो सारे ब्रम्हाण्ड के समस्त धर्मों के श्रेष्ठ संस्कारों को वर्तमान परदिृश्य में छानकर मानव को मानने का संदेश देता है l

आपने दिनांक 18 दिसंबर 2014 को परमपूज्यनीय गुरू घासीदास बाबा के जंयंति के अवसर पर '''गौ माता को राजमाता घोषित कर गौ माता को राजमाता के रूप में अंगीकृत व आत्मार्पित किया''' है तथा आपने समस्त देश वासियों से '''मानवीय अपील''' : गौ माता को राजमाता मानें किया है कि सभी मानव समूदाय गाय को राजमाता के रूप में माने व उनका सम्मान करें l

आप वर्तमान में छत्तीसगढ सशस्त्र बल के जवान होते हुए भी विभिन्न समाज सेवी संस्थानों के पदाधिकारी है आपकी प्रतिष्ठा इसप्रकार है :- 
अध्यक्ष-छत्तीसगढ काउंसिल आफ स्कूल एजूकेशन, 
उपाध्यक्ष- छत्तीसगढ काउंसिल आफ अल्टरनेटिव मेडिसीन ,
उपाध्यक्ष- लाईफ केयर वैकल्पिक चिकित्सा सेवा संस्थान, 
सदस्य - सतनामी एवं सतनाम धर्म विकाश परिषद 

Kindly Share on Social Media - Satnam Dharm

EMozii-for Comments on SATNAM DHARM

हम भारत के नागरिकों के लिए भारत का संविधान समस्त विश्व के सारे धार्मिक पुस्तकों से अधिक पूज्यनीय और नित्य पठनीय है। यह हमारे लिए किसी भी ईश्वर से अधिक शक्ति देने वाला धर्मग्रंथ है - हुलेश्वर जोशी

निःशूल्क वेबसाईड - सतनामी एवं सतनाम धर्म का कोई भी व्यक्ति अपने स्वयं का वेबसाईड तैयार करवाना चाहता हो तो उसका वेबसाईड निःशूल्क तैयार किया जाएगा।

एतद्द्वारा सतनामी समाज के लोगों से अनुरोध है कि किसी भी व्यक्ति अथवा संगठन के झांसे में आकर धर्म परिवर्तन न करें, समनामी एवं सतनाम धर्म के लोगों के सर्वांगीण विकास के लिए सतनामी समाज का प्रत्येक सदस्य हमारे लिए अमूल्य हैं।

एतद्द्वारा सतनामी समाज से अपील है कि वे सतनाम धर्म की संवैधानिक मान्यता एवं अनुसूचित जाति के पैरा-14 से अलग कर सतनामी, सूर्यवंशी एवं रामनामी को अलग सिरियल नंबर में रखने हेतु शासन स्तर पर पत्राचार करें।